Thursday, February 12, 2026
डुमरियागंज

खरीफ सीजन में यूरिया का संकट: किसानों को एक बोरी खाद के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार टोकन सिस्टम से बांटने की किसानों की मांग

Kapilvastupost

इटवा, डुमरियागंज, उस्का: खरीफ सीजन में धान की खेती जोर पकड़ रही है, लेकिन यूरिया की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पूरे जनपद में यूरिया का संकट गहराता जा रहा है, जिससे किसान खाद के लिए समितियों पर लंबी कतारें लगाने को मजबूर हैं। पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण कई किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

​किसानों का कहना है कि यूरिया के बिना धान की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। मांग अधिक है और आपूर्ति कम, जिस वजह से समितियों पर हाहाकार मचा हुआ है। सरकार और प्रशासन के बार-बार निरीक्षण और कार्रवाई के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि समितियों में समय पर यूरिया नहीं मिल रही, जबकि निजी दुकानों पर यह ऊंचे दामों पर आसानी से उपलब्ध है।

​साधन सहकारी समिति तेतरी खुर्द उस्का बाजार के सचिव अजीज शाह के मुताबिक, किसानों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर टोकन देकर यूरिया दी जा रही है। सेखुईयां के किसान राम सेवक, किशोर, गब्बू, और घुघुलिया के विजय ने बताया कि वे सुबह 5 बजे से ही बिना खाए-पिए लाइन में लगे हैं। टोकन मिलने के बाद भी दोपहर 3 बजे तक उन्हें यूरिया नहीं मिल पाई है।

​इटावा, डुमरियागंज, और उस्का क्षेत्रों में भी किसानों की भारी भीड़ देखी गई, जो यूरिया पाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। यूरिया की कमी से किसानों में भारी रोष है, और उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनकी धान की फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।