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सिद्धार्थनगर, 6 सितंबर 2025 – शासन के निर्देशानुसार, सिद्धार्थनगर जिले में हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस का आयोजन आज तहसील शोहरतगढ़ में किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है।
तहसील दिवस में शिकायतों की सुनवाई
तहसील शोहरतगढ़ में आयोजित समाधान दिवस में कुल 49 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें राजस्व से संबंधित 34, पुलिस से 2, विकास से 2, लोक निर्माण विभाग से 1, पूर्ति से 4 और अन्य विभागों से 6 शिकायतें शामिल थीं।
* राजस्व से संबंधित 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
* शेष सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को हस्तांतरित कर तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने पिछले समाधान दिवस में लंबित शिकायतों की समीक्षा की और पाया कि कई मामलों का निस्तारण नहीं हुआ है। उन्होंने तत्काल एक जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जाकर जांच करने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि तहसील समाधान दिवस और आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
* शिकायत की जांच शिकायतकर्ता और विपक्षी दोनों की उपस्थिति में की जानी चाहिए।
* कानूनगो और लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर और भूमि विवाद रजिस्टर बनाने का आदेश दिया गया।
* उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी विभाग का कोई प्रकरण लंबित पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकास कार्यों का निरीक्षण
तहसील दिवस के बाद, जिलाधिकारी ने शोहरतगढ़ विकास खंड के विभिन्न गांवों में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
* पंचायत भवन, मदरहना जनूबी: निर्माणाधीन पंचायत भवन का कार्य धीमी गति से चलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और पंचायत सचिव राम स्वरूप गुप्ता का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने 30 नवंबर 2025 तक कार्य पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की।
* इंटरलाकिंग सड़क, मदरहना जनूबी: ‘लौटू के घर से महसेहिया बंधा’ तक बन रही इंटरलाकिंग सड़क का निरीक्षण किया। जल निगम द्वारा खोदी गई सड़क को ग्राम पंचायत द्वारा सही पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
* प्राथमिक विद्यालय, महला: विद्यालय में हुए इंटरलाकिंग और किचन शेड के कार्य को संतोषजनक पाया गया।
* प्राथमिक विद्यालय, पिपरहवा, मदरहना जनूबी: टाइलीकरण और पेंटिंग के कार्य का निरीक्षण किया। पेंटिंग की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर उन्होंने 15 दिनों के भीतर दोबारा पेंटिंग कराने का निर्देश दिया और जर्जर भवन को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
इन निरीक्षणों के माध्यम से जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।