लखनऊ। शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय पर केंद्रित एक विशेष स्मारिका का विमोचन किया। इस स्मारिका का संपादन यश भारती मणेन्द्र मिश्रा ‘मशाल’ ने किया है।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि 2013 में समाजवादी सरकार ने सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की नींव रखी थी, जिसका उद्घाटन उनके कार्यकाल में 15 अक्टूबर 2016 को हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक सुखद अनुभव है कि विश्वविद्यालय अब तक नौ दीक्षांत समारोह आयोजित कर चुका है और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ भी अकादमिक संबंध स्थापित कर रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्मारिका के संपादक मणेन्द्र मिश्रा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रतिवर्ष “धन्यवाद एवं आभार अभियान” चलाने की पहल सराहनीय है। उन्होंने याद किया कि विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह के दौरान भी मणेन्द्र मिश्रा की पुस्तक “सिद्धार्थनगर: अतीत, वर्तमान और भविष्य” एक महत्वपूर्ण संग्रहणीय अंक थी।
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने सिद्धार्थनगर के लोगों की ओर से अखिलेश यादव का विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अखिलेश यादव को प्रसिद्ध कवि रुडयार्ड किपलिंग की कविता ‘इफ’ से जुड़ा एक प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया।