Thursday, February 12, 2026
बांसी

​अकीदत के साथ निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘रसूल की आमद मरहबा’ से गूंजी फिजा

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर सिद्धार्थनगर जिले में एक शानदार जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने पूरे जोश और अकीदत के साथ हिस्सा लिया। ‘रसूल की आमद मरहबा… मरहबा या मुस्तफा…’ के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस जुलूस में शामिल लोग हरे झंडे लिए हुए थे और फूलों से सजे वाहनों का कारवां देखने लायक था।

​जुलूस का मुख्य आकर्षण यह था कि इसमें सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि अन्य समुदायों के लोग भी शामिल थे, जो आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दे रहे थे। यह आयोजन सांप्रदायिक सद्भाव की एक खूबसूरत मिसाल पेश कर रहा था। लोग पारंपरिक इस्लामी वेशभूषा में सजे हुए थे और अपने चेहरों पर खुशी और उत्साह लिए हुए थे। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने पैगंबर साहब की शान में अपनी खुशी का इजहार किया।

​यह भव्य जुलूस बग्गों से शुरू होकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए एक विशाल जलसे में तब्दील हो गया। इस दौरान, मस्जिदों और मदरसों को भी खास तौर पर सजाया गया था। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

​पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। यह जुलूस-ए-मोहम्मदी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकता, भाईचारे और सद्भाव का एक सशक्त प्रतीक बन गया।