Thursday, February 12, 2026
डुमरियागंज

सिद्धार्थनगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, पीड़ित ने दी जान देने की धमकी

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश: सिद्धार्थनगर जिले के इटवा तहसील के पिपरा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में तहसील प्रशासन की कथित लापरवाही से frustrated, एक पीड़ित ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।

​यह मामला गांव के तीन भाइयों से जुड़ा है जो एक ही सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हैं। पीड़ित भाई का आरोप है कि उसके भाई और भतीजे उसे जान से मारने की धमकी देते हैं, और उसके पास इसका वीडियो सबूत भी है। पीड़ित के अनुसार, वह पिछले दो सालों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन तहसील प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी बड़े अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं।

​शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस जमीन पर यह विवाद है, वह सरकारी जमीन है और उसके अभिलेख भी मौजूद हैं। लेकिन उसका भाई गांव का कोटेदार है और उसकी पहुंच नेताओं तक है, जिसका फायदा उठाकर वह हमेशा अधिकारियों से गलत रिपोर्ट लगवा लेता है।

​पीड़ित ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस बार भी उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएगा। अब सबकी निगाहें जिलाधिकारी राजा गणपति आर पर हैं, जिन्होंने पहले भी कई सरकारी जमीनें खाली करवाई हैं। देखना यह होगा कि क्या वह इस मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित को न्याय दिला पाते हैं और सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराते हैं।

​यह घटना सरकारी जमीनों पर बढ़ते कब्जों और स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत को उजागर करती है। यह सवाल उठाती है कि आखिर क्यों गरीबों और कमजोरों को न्याय पाने के लिए इतने लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ता है, जबकि प्रभावशाली लोग आसानी से कानून को धत्ता बताकर अपने अवैध कामों को अंजाम देते रहते हैं।