शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर: शोहरतगढ़ तहसील और आसपास के गांवों में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम लोगों में खौफ और भ्रम का माहौल है। इन घटनाओं का फायदा उठाकर कुछ लोग निर्दोष, खासकर गरीब, भिखारी और मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को चोर समझकर पीट रहे हैं, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों के बीच, उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्र और क्षेत्राधिकारी पवीन प्रकाश ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को 112 पर कॉल करें और पूरी जानकारी दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को चोर समझकर खुद कानून को हाथ में न लें और न ही उसे मारें-पीटें।
प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि लोगों को मानवता बनाए रखनी चाहिए और यह याद रखना चाहिए कि संदिग्ध दिखने वाला व्यक्ति भी एक इंसान है। यदि कोई निर्दोष व्यक्ति (जैसे भिखारी या मानसिक रूप से बीमार) दिखे तो उसकी मदद करें। बेवजह बेगुनाह लोगों को परेशान करने या अफवाहों के आधार पर किसी को नुकसान पहुँचाने से बचें।
चोरी की अफवाहों ने किया मासूमों का शिकार
शोहरतगढ़ क्षेत्र के देवरुआ, शोहरतगढ़ और कठेला थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। चोरों की अफवाहों के कारण स्थानीय लोग और राहगीर भी डर के साए में हैं। इसका नतीजा यह है कि कुछ लोग निर्दोष व्यक्तियों को पीट रहे हैं।
हाल ही में, देवरुआ थाना क्षेत्र के नजरगढ़वा गांव में ग्रामीणों ने एक मानसिक रूप से बीमार युवक को चोर समझकर बुरी तरह पीटा। घटना के बाद युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह, डुमरियागंज क्षेत्र में भी एक 13 वर्षीय किशोर को भीड़ ने चोर समझकर घेर लिया था, जिसे पुलिस ने बचाया। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और कानून का पालन करने की अपील की है, ताकि निर्दोष लोग ऐसी घटनाओं का शिकार न बनें।
इस बीच, नकाबपोश महिलाओं की संदिग्ध गतिविधियों की खबर भी सामने आई है, जिन पर पुलिस की नजर है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। कानून अपने हाथ में न लें । किसी भी सूरत में भीड़ द्वारा हिंसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।