नेपाल में हुए जेन जी जनांदोलन के बाद से बंद पड़ा कृष्णानगर कस्बा सहित भंसार कार्यालय आखिरकार पूरी तरह से खुल गया है। शुक्रवार को जहां कच्चे सामानों के लिए इसे आंशिक रूप से खोला गया था, वहीं शनिवार से यह कार्यालय सभी तरह के सामानों और वाहनों के लिए पूरी तरह से खोल दिया गया है। सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल होने से लोगों में खुशी है जनता घरों से बाहर निकल रही है दुकानें खुल रही हैं और भंसार कार्यालय पर भी रौनक लौट आई है।
मालवाहक वाहनों की लगी लंबी कतारें
शनिवार को सीमा पर मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। दिन भर भारतीय सीमा से लगातार मालवाहक गाड़ियां नेपाल में प्रवेश करती रहीं। इसके अलावा, लगभग एक दर्जन से ज्यादा कार और बाइक का भी भंसार हुआ। भंसार कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सामान्य दिनों में यहां से रोजाना 50 से 60 कारें और सैकड़ों बाइक का भंसार होता था। हालांकि शनिवार को यह संख्या कम रही, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है और आने वाले दिनों में और भी सुधार की उम्मीद है। व्यापारी नेता संजय मित्तल और राजकुमार अग्रहरि ने बताया कि शुक्रवार से स्थिति सामान्य होती चली आ रही है एक दो दिन में पूर्ण रूप से सभी स्कूल कॉलेज व्यापारिक प्रतिष्ठान और आम नागरिक भी अपने जरूरतों के लिए निकलेंगे। आंदोलन का असर भारतीय क्षेत्र के बढ़नी कस्बे में भी रहा जहां दुकानों से रौनक खत्म हो गई थी गलियां सुनसान रही ।
एसएसबी की कड़ी जांच
सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) पूरी तरह से मुस्तैद है। वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। एसएसबी जवान हर एक वाहन और व्यक्ति की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिससे सीमा पार आवागमन सुचारू और सुरक्षित बना रहे।
स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों का मानना है कि भंसार कार्यालय के पूरी तरह से खुलने से व्यापार और आवागमन फिर से सामान्य हो जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।