सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ (जनपद शाखा सिद्धार्थनगर) के आह्वान पर बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में लेखपालों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संघ ने इटवा तहसीलदार पर एक लेखपाल के साथ सार्वजनिक रूप से असंसदीय और अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को संबोधित 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
तहसीलदार को हटाने और गलत तबादला रद्द करने की मांग धरने पर बैठे पदाधिकारियों का कहना है कि लेखपाल विनोद कुमार यादव के साथ हुआ दुर्व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। संघ ने मांग की है कि संबंधित तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत इटवा से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जाए। इसके अलावा, मध्य गांव स्थित गांधी मूर्ति प्रकरण में एक निर्दोष लेखपाल का किया गया गलत स्थानांतरण तत्काल निरस्त कर उसका स्पष्ट कारण बताया जाए।
नक्शों की बदहाली और चिकित्सा बिलों का मुद्दा उठा लेखपालों ने राजस्व कार्यों में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से रेखांकित किया। संघ के अनुसार, कई राजस्व ग्रामों के शजरा (भू-मानचित्र) काफी पुराने और जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, जिससे पैमाइश और सीमांकन में भारी दिक्कत आ रही है। इसके लिए नए नक्शे उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही सीएमओ कार्यालय में लंबे समय से लंबित पड़े चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का शीघ्र निस्तारण कर बजट जारी करने की बात कही गई।
सभा को संबोधित करते हुवे अजय कुमार गुप्ता (जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ): “तहसीलदार इटवा द्वारा लेखपाल विनोद कुमार यादव के साथ किया गया असंसदीय व्यवहार कर्मचारी गरिमा का हनन है। जब तक तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती और उन्हें इटवा से हटाया नहीं जाता, संघ चुप नहीं बैठेगा। निर्दोष लेखपाल का गलत तबादला रद्द होना चाहिए।”
लेखपालों के अधिकारों की रक्षा के क्रम में आनंद गौतम (जिला मंत्री, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ): ने कहा “हम केवल अपने सम्मान की लड़ाई नहीं लड़ रहे, बल्कि राजस्व कार्यों में आ रही जमीनी समस्याओं को भी उजागर कर रहे हैं। फटे-पुराने शजरा (नक्शों) की वजह से सीमांकन में दिक्कत आ रही है और हमारे चिकित्सा बिल अटके पड़े हैं। शासन को हमारी सभी 11 मांगों पर तुरंत सकारात्मक फैसला लेना होगा।”
धरने में ये रहे मौजूद इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेश भारती, प्रभात सैनी, सुनील सिंह, विनोद गौतम, आशीष, पूजा, अमरदीप, प्रवेश कुमार, भानू प्रताप सहित बड़ी संख्या में लेखपाल और संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।