सिद्धार्थनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। सोमवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। डीएम ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्कूली वाहनों और नाबालिग चालकों पर विशेष नजर बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि:
15 वर्ष से अधिक पुराने स्कूली वाहनों का संचालन पूरी तरह से रोका जाए।
18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थी यदि निजी वाहन चलाते पाए गए, तो उन पर रोक लगाई जाए।
बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए पंजीकृत स्कूल वाहनों का ही उपयोग हो, टैक्सी वाहनों के प्रयोग से बचा जाए।
स्कूल प्रबंधकों को परिसरों में उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बिना फिटनेस व परमिट चल रहे वाहनों पर होगी कार्रवाई डीएम ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि बिना फिटनेस, बिना पंजीकरण और बिना परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को बंद कराया जाएगा। इसके अलावा, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों का चालान काटने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नो हेलमेट, नो पेट्रोल का कड़ाई से पालन यातायात नियमों के पालन को लेकर डीएम ने स्पष्ट किया कि:
पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ के नियम को कड़ाई से लागू कराया जाए।
दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट, चारपहिया चालकों के लिए सीट बेल्ट और तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
रोडवेज बसों के चालकों का नियमित रूप से नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
ब्लैक स्पॉट सुधार और संकेतक बोर्ड लोक निर्माण विभाग (PWD) और NHAI के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिले के सभी ब्लैक स्पॉट चिह्नित करें। इन स्थानों पर गति सीमा (Speed Limit) और चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाए जाएं, साथ ही पुराने पड़े संकेतकों की सफाई कराई जाए। रात में हादसों को रोकने के लिए सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया गया है।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, सीओ सदर विश्वजीत सौरयान, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार और एआरटीओ संजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।