सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश – मंगलवार शाम को एंटी करप्शन टीम, बस्ती ने इटवा तहसील में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने तहसील गेट पर कानूनगो भोलानाथ चौधरी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी तब हुई जब कानूनगो एक किसान से उसके खेत के नक्शे को सही करने के लिए घूस ले रहा था।
क्या है पूरा मामला?
इटवा तहसील के पकड़ी शुक्ल गांव के निवासी धनीराज प्रजापति अपने खेत के नक्शे को सही कराने के लिए लंबे समय से तहसील के चक्कर लगा रहे थे। धनीराज का आरोप है कि इस काम के बदले कानूनगो भोलानाथ चौधरी ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की थी। धनीराज ने पहले ही 5 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन कानूनगो बाकी रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
इससे परेशान होकर धनीराज ने एंटी करप्शन टीम, बस्ती में इसकी शिकायत की। टीम ने मंगलवार को एक जाल बिछाया। जैसे ही भोलानाथ चौधरी ने धनीराज से 20 हजार रुपये लिए, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। कानूनगो को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए टीम अपने साथ ले गई।
तहसील में भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब इटवा तहसील में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। इससे पहले 27 जून को भी एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो सुनील श्रीवास्तव को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने तहसील में बढ़ते भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नक्शे, नामांतरण और ज़मीन की पैमाइश जैसे काम करवाने के लिए कर्मचारियों द्वारा खुलेआम रिश्वत ली जाती है। इस घटना से यह साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में और भी कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।