यह घटना केवल एक दुखद खबर नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करती है। अवसाद, अकेलापन और पारिवारिक दबाव जैसी कई वजहें अक्सर किशोरों को ऐसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर करती हैं।
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सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश: शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के लेदवा गांव में एक 17 वर्षीय किशोरी ने अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। शनिवार को हुई इस दुखद घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
क्या हुआ?
मृतका की पहचान सुनीता, पुत्री छोटू पासवान के रूप में हुई है। घटना के समय वह घर पर अकेली थी क्योंकि उसके माता-पिता खेत में काम करने गए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को फंदे से लटका हुआ पाया। इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस कर रही है जांच
आस-पड़ोस के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही शोहरतगढ़ थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक शोहरतगढ़, बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
यह आत्महत्या नहीं, एक गंभीर समस्या का संकेत है
मदद उपलब्ध है
अगर आप या आपके जानने वाले कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहा है, तो उन्हें तुरंत मदद की जरूरत है। भारत में कई हेल्पलाइन उपलब्ध हैं जो ऐसे समय में सहायता प्रदान करती हैं।
किरण हेल्पलाइन (24/7): 1800-599-0019
आसरा: 9820-400-988
स्पंदन: 9820-040-001
Vandrevala Foundation: 1860-2662-345
इन हेल्पलाइन पर कॉल करके आप प्रशिक्षित पेशेवरों से मुफ्त सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
यह घटना परिवार के लिए एक दुखद त्रासदी है और समाज के लिए एक चेतावनी है। हमें अपने बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान देने और उनसे खुलकर बात करने की आवश्यकता है।