सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में एक नाबालिग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में न्याय की जीत हुई है। मंगलवार को एएसजे/विशेष पॉक्सो अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
3 साल की अदालती कार्रवाई के बाद आया फैसला
इटवा थाने में वर्ष 2023 में दर्ज इस मामले में करीब तीन साल तक अदालत में प्रभावी सुनवाई चली। सिद्धार्थनगर के एएसजे/विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अनुशीलन करने के बाद फैसला सुनाया।
अदालत ने खुनियाव लक्ष्मीनगर निवासी अभियुक्त वासुदेव विश्वकर्मा पुत्र श्रीराम विश्वकर्मा को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5जे(आईआई)/6 के तहत दोषी पाया और कड़ी सजा से दंडित किया।
ऑपरेशन कन्विक्शन और पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
इस मामले में अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत जिला मॉनिटरिंग सेल और इटवा पुलिस की टीम ने अदालत में मजबूत पैरवी की।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष अभियोजक पवन कुमार कर पाठक तथा इटवा थाने के न्यायालय पैरोकार आरक्षी संजय चौरसिया ने सशक्त ढंग से पक्ष रखा। पुलिस और अभियोजन की इसी सटीक पैरवी के बदौलत पीड़िता को न्याय मिल सका।