सिद्धार्थनगर। बढ़नी ब्लॉक के बाल विकास परियोजना कार्यालय में शुक्रवार को तीन दिवसीय “पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण और शिक्षा के महत्व को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया, जिससे उनमें नया जोश और आत्मविश्वास भर गया।
प्रशिक्षण में क्या था ख़ास?
रॉकेट लर्निंग से आईं मुख्य प्रशिक्षिका अमृता त्रिपाठी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया, बल्कि डेमो के जरिए दिखाया कि स्थानीय और आसानी से उपलब्ध होने वाली चीजों से बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन कैसे तैयार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि बच्चों को खेल-खेल में पोषण और पढ़ाई से जुड़ी आदतें कैसे सिखाई जा सकती हैं।
शिक्षा विभाग से आए प्रशिक्षक उमेश कुमार गुप्ता ने कहा, “आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ खाना बांटने की जगह नहीं हैं, बल्कि यह हमारे बच्चों के भविष्य को गढ़ने वाली प्रयोगशालाएं हैं।” उन्होंने जोर दिया कि अगर पोषण और शिक्षा को एक साथ लाया जाए, तो हम एक मजबूत पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।
इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने भी उत्साह से हिस्सा लिया। उन्होंने मिलकर खेल और गीतों के जरिए सीखने के तरीकों को समझा। बाल विकास परियोजना की मुख्य सेविका नाजिया और कविता तिवारी ने कहा कि कुपोषण और अशिक्षा हमारे समाज की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं और आंगनबाड़ी केंद्र ही इन्हें दूर करने की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण से केंद्रों की कार्यशैली और भी बेहतर होगी और समाज सशक्त बनेगा।