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बढ़नी (सिद्धार्थनगर): नगर पंचायत बढ़नी बाजार इन दिनों विकास कार्यों के बजाय आपसी कलह और प्रशासनिक गतिरोध का अखाड़ा बन गई है। अध्यक्ष सुनील अग्रहरी और अधिशासी अधिकारी (ईओ) अजय कुमार के बीच जारी खींचतान का खामियाजा यहाँ के कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं।
तानाशाही का आरोप और ‘क्रेडिट’ की राजनीति
हाल ही में अवैध अतिक्रमण पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद विवाद और गहरा गया है। दिलचस्प बात यह है कि जिस अतिक्रमण की शिकायत खुद अध्यक्ष ने जून 2025 में की थी, जब प्रशासन ने उस पर कार्रवाई की, तो अध्यक्ष ही उसके विरोध में खड़े हो गए। इस अंतर्विरोध ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
अधिकारी का पक्ष: “मेरी तरफ से फाइल क्लियर”
अधिशासी अधिकारी अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सैलरी शीट पर समय से हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “वेतन भुगतान के लिए अध्यक्ष और ईओ दोनों की सहमति अनिवार्य है। मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है, लेकिन अध्यक्ष महोदय किन कारणों से हस्ताक्षर नहीं कर रहे, यह समझ से परे है।” ईओ ने इस गतिरोध की लिखित सूचना जिलाधिकारी और शासन को भेज दी है। कर्मचारियों का दर्द: उधार भी मिलना हुआ बंद
नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण अब बाजार में दुकानदारों ने उधार देना भी बंद कर दिया है। बच्चों की दूध-दवाई और घर की सब्जी तक के पैसे नहीं बचे हैं। कर्मचारी संघ ने अब उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।