नेपाल में चल रहे राजनीतिक आंदोलन के बीच, कई जेलों से हजारों कैदी फरार हो गए हैं, जिससे भारत में सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इन फरार कैदियों के भारत में प्रवेश करने की कोशिश करने से सीमावर्ती राज्यों में अपराध बढ़ने की आशंका है।
भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट
नेपाल की जेलों से भागे हुए कैदियों को रोकने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से अब तक लगभग 60 संदिग्ध नेपाली कैदियों को पकड़ा है। इनमें से 22 सिद्धार्थनगर जिले से और 6 बहराइच जिले से पकड़े गए हैं। एसएसबी की खुफिया शाखा भी इन संदिग्धों पर कड़ी नजर रख रही है।
जानकारों का मानना है कि नेपाल के विभिन्न जिलों से भागे हुए कैदी, अगर भारत में घुसने में कामयाब हो जाते हैं, तो उनके पास यहां रहने और खाने का कोई ठिकाना नहीं होगा। ऐसे में, वे अपराध की दुनिया में लिप्त हो सकते हैं, जिससे भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
नेपाल की जेलों से भागे कैदियों की संख्या
नेपाल में हाल ही में हुए विद्रोह के बाद कैदियों के भागने का सिलसिला शुरू हुआ। राजधानी काठमांडू की नखखु जेल से लगभग 1,300 और सुंदरा जेल से लगभग 3,300 कैदी फरार हो गए। हालांकि, दिल्लीबाजार जेल से भागने की कोशिश कर रहे कैदियों को सेना ने रोक लिया।
फरार हुए कैदियों की संख्या काफी ज्यादा है:
चितवन: 700
नखखु: 1,200
सुनसरी झुमका: 1,575
कंचनपुर: 450
कैलाली: 612
जलेश्वर: 575
कास्की: 773
दांग: 124
जुमला: 36
सोलुखुम्बू: 86
गौर: 260
बझांग: 651
नेपाल के कारागार विभाग को अभी तक फरार कैदियों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में लगभग 30,000 कैदियों में से एक-तिहाई से ज्यादा भाग चुके हैं। सेना बीरगंज, धाडिंग, कावरे और अन्य जगहों पर भागने की कोशिश कर रहे कैदियों को रोकने का प्रयास कर रही है, कुछ स्थानों पर गोलीबारी की भी खबरें हैं।
कुख्यात अपराधी भी फरार
फरार हुए कैदियों में कई कुख्यात अपराधी भी शामिल हैं, जिनमें अदालतों और वकीलों के साथ मारपीट के दोषी भी हैं। इन खतरनाक अपराधियों के भारत में घुसने की कोशिश करना एक गंभीर चिंता का विषय है, जिससे सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और भी बढ़ गई है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल से भाग रहे कैदियों की घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं और भारत-नेपाल सीमा पर हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।