सिद्धार्थ नगर – नगर पंचायत बढ़नी में पुलिसिया उत्पीड़न का आरोप, कार्यशैली पर जनता में आक्रोश, सुनील अग्रहरि ने मामले को लेकर उच्च अधिकारीयों से करी बात
नगर पंचायत बढ़नी अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस बेलगाम हो चुकी है और उनकी कार्यशैली सरकार की छवि धूमिल कर रही है।
उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी की आरती के बाद चट्टी बाजार वार्ड नं. 5 के कुछ बच्चे बस स्टॉप तिराहे पर पानी पीने पहुंचे थे। तभी तीन वर्दीधारी सिपाही आए और गाड़ी रोककर बच्चों को जबरन नीचे उतारते हुए आरोप लगाने लगे कि “तुम स्मैकर हो, मोबाइल चोर हो, गाड़ी चुराते हो, तुमको हम बंद करेंगे।” विरोध करने पर पुलिस वालों ने विवेक नामक लड़के को किनारे ले जाकर पीटा। यह लड़का नगर पंचायत अध्यक्ष के चाचा के बेटे का पुत्र बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर अध्यक्ष सुनील अग्रहरि मौके पर पहुंचे और पुलिस कप्तान के सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह रवैया बेहद निंदनीय है।
उल्लेखनीय है कि एक माह पूर्व भी नगर अध्यक्ष ने स्मैक विक्रेताओं के खिलाफ कप्तान को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने चौकी बढ़नी और थाना ढेबरूआ क्षेत्र में बढ़ते नशे और अपराध की ओर ध्यान दिलाया था। उनका कहना है कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है—स्मैक पीने वालों को पकड़कर जेल भेजती है, जबकि असली स्मगलर खुलेआम घूम रहे हैं।
बढ़नी बाजार में पिछले एक महीने में करीब 20 चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन पुलिस अधिकांश मामलों में एफआईआर दर्ज ही नहीं करती। हाल ही में एक महिला ने अपने घर में हुई चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय जाकर कप्तान से प्रार्थना पत्र दिया, क्योंकि ढेबरूआ पुलिस ने उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
अध्यक्ष सुनील अग्रहरि ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से वह स्वयं काफी आहत हैं और दर्जनों परिवार पुलिस उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। वहीं, घटना की जानकारी पाकर मौके पर जुटी भीड़ ने भी पुलिस के साथ बदसलूकी की।
पुलिस की कार्यशैली को लेकर नगर की जनता में आक्रोश व्याप्त है।