बढ़नी/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक संगठित चोर गिरोह ने दांग जिले में भीषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस मामले में नेपाल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात के मुख्य सूत्रधार समेत दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
49 तोला सोना, 52 तोला चांदी और नकदी बरामद यह मामला दांग जिले के राप्ती गांव पालिका-5 स्थित सिसहनियां का है। लुम्बिनी प्रांतीय पुलिस के अनुसार, चोरों ने एक घर से 49 तोला 1 आना सोना, 52 तोला चांदी के आभूषण और ₹1,50,000 नकद पार कर दिए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर सीमा क्षेत्र में समन्वित छापेमारी कर चोरी का सफल पर्दाफाश किया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची और उनकी भूमिका
मोहम्मद आज़म (कपिलवस्तु, नेपाल): मुख्य साजिशकर्ता और वारदात के दौरान मोटरसाइकिल चालक।
इरशाद खान (भारत): घटना में प्रत्यक्ष शामिल, आरोपियों को भगाने और चोरी के सामान के प्रबंधन का काम किया।
ओवेस बेग (कपिलवस्तु, नेपाल): चोरी के जेवर को भारत तक पहुंचाने में शामिल।
मोहम्मद साजिद (भारत): चोरी के गहने खरीदने, उन्हें पिघलाने और बाजार में बेचने का काम करता था।
बढ़नी से जुड़े तार, मास्टरमाइंड की तलाश तेज जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के मास्टरमाइंड अरमान खान (पेंगू) और इरशाद अहमद (अत्तू) हैं, जो सीधे तौर पर इस घटना में शामिल थे। ये दोनों आरोपी और गिरोह के कुछ अन्य सदस्य भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नगर पंचायत बढ़नी बाजार के निवासी बताए जा रहे हैं।
यह गिरोह लंबे समय से सीमा के दोनों पार—भारत और नेपाल में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता आ रहा है। फिलहाल नेपाल पुलिस भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से फरार दोनों मास्टरमाइंडों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।https://www.facebook.com/share/p/1CyUWCYCcV/