सिद्धार्थनगर- बढ़नी में बारावफात जुलूस के दौरान भड़काऊ नारेबाजी, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर, बढ़नी: बढ़नी कस्बे में शुक्रवार को बारा रबीउल अव्वल जुलूस के दौरान भड़काऊ नारेबाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तनाव का माहौल बन गया है। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया।
विश्व हिंदू परिषद ने की सख्त कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में ढेबरुआ थाने पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करने वाले शरारती तत्वों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, शुरू हुई जांच
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भड़काऊ नारेबाजी करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ ढेबरुआ थाने में अपराध संख्या 153/25, धारा 363(3), 191(2), 191(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपियों में शामिल हैं:
बढ़नी भट्ठा मोहल्ला निवासी: ननके पुत्र मंजूर अली, शदाब पुत्र मोरहम अली, वाहिद पुत्र अज्ञात, जीशान पुत्र जंगली।
डीहवा निवासी: राजा पठान पुत्र वारिश, इमरान पुत्र वारिश, नदीम पुत्र कयुम, सज्जाद पुत्र अज्ञात, अफजल पुत्र अज्ञात।
अंबेडकर नगर निवासी: इमरान उर्फ मंटू पुत्र छोटे उर्फ हफिजुर्रमान, अरमान पुत्र अज्ञात, शहबाज पुत्र अज्ञात।
ग्राम धनौरी निवासी: अलबाज पुत्र अज्ञात।
इनके अलावा, 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जुलूस के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे, तो उनके सामने ऐसी नारेबाजी कैसे हो गई? लोगों का मानना है कि यदि पुलिस समय रहते सतर्क रहती तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। यह घटना दिखाती है कि प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है कि कुछ लोगों ने खुलेआम सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की हिम्मत करी।
बहरहाल kapilvastupost के पास समाचार लिखे जाने तक वीडियो उपलब्ध नहीं हो सका है।


