अकरहरा में मछली पालकों की बड़ी बैठक, 1 सितंबर से लागू होंगी नई दरें
पूर्वांचल एवं अवध एक्वाकल्चर वेलफेयर फेडरेशन की बैठक में क्षेत्रवार रेट और जाल मजदूरी पर बनी सहमति
निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर। विकास खंड बढ़नी के अकरहरा गांव (पोस्ट ढेबरुआ) में रविवार, 30 अगस्त को पूर्वांचल एवं अवध एक्वाकल्चर वेलफेयर फेडरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। दोपहर 3 बजे से शुरू हुई इस बैठक में क्षेत्र के सैकड़ों मछली किसानों और समाज के सदस्यों ने भाग लिया। 
बैठक का मुख्य एजेंडा 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली मछली की दरों पर विस्तृत चर्चा करना था। सदस्यों की आपसी सहमति से नई दरें तय की गईं और इन्हें सभी क्षेत्रों में स्पष्ट व पारदर्शी तरीके से लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों की भौगोलिक व बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रवार रेट निर्धारित करने पर भी सहमति बनी, ताकि हर क्षेत्र में किसानों को उचित और व्यावहारिक मूल्य मिल सके।
बैठक में जाल से जुड़े कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी को प्रतिशत के आधार पर तय करने पर भी चर्चा हुई। सभी संबंधित पक्षों की सहमति से एक निश्चित प्रतिशत तय किया गया, जिसे सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू किया जाएगा।
महासंघ को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नए सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया गया। प्रत्येक क्षेत्र से नए सदस्यों को जोड़ने की जिम्मेदारी तय की गई और सदस्यता अभियान चलाने पर सहमति बनी। साथ ही नए सदस्यों को उनके अधिकार, जिम्मेदारियां और महासंघ से मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई।
बैठक में महासंघ के विभिन्न पदों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। अध्यक्ष पद को छोड़कर शेष सभी पदों पर सर्वसम्मति से निर्णय लेने का प्रयास किया गया और प्रत्येक पद की जिम्मेदारी व कार्यक्षेत्र स्पष्ट किया गया।
इसके अलावा बैठक में संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा, मछली उत्पाद व गुणवत्ता में तकनीकी सुधार, सरकारी योजनाओं की जानकारी और बाजार व्यवस्था बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि एकता, पारदर्शिता और आपसी सहमति के आधार पर ही संगठन को मजबूत किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए फेडरेशन के संपर्क नंबर 7071151414 पर बात की जा सकती है।


