सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित लोहिया कला भवन में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में भव्य ‘भाईचारा सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ा, जहां वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, भाईचारा, समानता और संविधान के मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लिया।
नफरत छोड़कर देश की तरक्की के लिए साथ आएं: डॉ. मसूद अहमद
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मसूद अहमद ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आजादी में हर धर्म, जाति और समुदाय का बराबर का योगदान रहा है। आज देश को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है, जबकि जरूरत इस बात की है कि समाज में आपसी सौहार्द कायम रहे। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति को दरकिनार कर सभी को एकजुट होकर देश और समाज के विकास के लिए काम करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के संसाधनों को चुनिंदा पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है।
दबे-कुचलों की आवाज को सदन तक पहुंचाना मकसद: सलीम राईनी
कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी के प्रांतीय महासचिव सलीम राईनी ने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—सभी समुदायों को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी प्रमुख भाई चंद्रशेखर आजाद के हाथों को मजबूत करने का आह्वान किया, ताकि शोषितों, वंचितों और दबे-कुचलों की आवाज को मजबूती से सदन में उठाया जा सके।
संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुटता जरूरी: नौशाद आलम
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शोहरतगढ़ विधानसभा प्रभारी नौशाद आलम ने कहा कि वर्तमान समय में संवैधानिक संस्थाओं और सामाजिक ताने-बाने पर लगातार हमले हो रहे हैं। आजाद समाज पार्टी हर उस व्यक्ति के साथ खड़ी है जिसके अधिकार छीने जा रहे हैं। शोहरतगढ़ विधानसभा समेत पूरे जिले में भाईचारे का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता नफरत की राजनीति को नकारकर भाईचारे और सामाजिक न्याय को चुनेगी।
सम्मेलन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।