Saturday, October 10, 2026
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बढ़नी स्टेशन पर ‘गुंडा टैक्स’: पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली, न रेट बोर्ड न पक्की रसीद; यात्रियों से खुलेआम बदसलूकी

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। पूर्वोत्तर रेलवे (गोरखपुर-गोंडा रूट) के बढ़नी रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर मनमानी और अवैध वसूली का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन परिसर और आसपास कुछ असामाजिक तत्व फर्जी पर्चियां काटकर निर्धारित दर से कई गुना अधिक पैसा वसूल रहे हैं। मना करने पर ये तत्व यात्रियों और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने पर उतारू हो जाते हैं।

बिना रेट बोर्ड और जीएसटी पर्ची के चल रहा खेल

रेलवे के नियमानुसार हर पार्किंग स्थल पर आधिकारिक रेट बोर्ड (शुल्क तालिका), ठेकेदार का नाम, जीएसटी नंबर और स्टेशन का विवरण होना अनिवार्य है। लेकिन बढ़नी स्टेशन पर ऐसा कोई बोर्ड नजर नहीं आता।

  • फर्जी पर्ची का सहारा: यात्रियों को जो पर्ची दी जा रही है, उस पर न तो किसी ठेकेदार का नाम है, ना ही कोई मोहर या हस्ताक्षर।

  • फ्री पिक-एंड-ड्रॉप पर भी वसूली: रेलवे परिसर के बाहर फ्री पिक-एंड-ड्रॉप समय सीमा के भीतर भी लोगों से जबरन पैसे ऐंठे जा रहे हैं।

“गांव-देहात की महिलाएं और बच्चे जब ट्रेन पकड़ने आते हैं, तो ये लोग जबरन गाड़ी रोकने का शुल्क मांगते हैं। मना करने पर गुंडागर्दी और गाली-गलौज की जाती है। समझ नहीं आता कि यह रेलवे का वैध ठेका है या अवैध गुंडा टैक्स।” — स्थानीय निवासी

अतिक्रमण से बढ़ा हादसों का खतरा

पार्किंग के नाम पर चल रही इस धांधली के साथ-साथ स्टेशन के आसपास चाय, पान और ठेले वालों ने भारी अतिक्रमण कर रखा है। पार्किंग क्षेत्र से बाहर गाड़ियाँ खड़ी करने पर यात्रियों को खुद जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है, जबकि मुख्य रास्तों पर अवैध स्टाल लगे हुए हैं। बिना किसी नियम-कानून के फैला यह अतिक्रमण अब बड़े हादसों का कारण बन रहा है।

जांच और कार्रवाई की पुरजोर मांग

स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों ने भारतीय रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

  • क्या पार्किंग का कोई वैध ठेका हुआ है या यह पूरी तरह अवैध है?

  • वसूली करने वाले लोग बिना किसी वर्दी या आई-कार्ड के कौन हैं?

  • अवैध वसूली का यह पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?

जनता ने मांग की है कि यदि पार्किंग वैध है तो तत्काल प्रभाव से आधिकारिक रेट लिस्ट का बोर्ड लगाया जाए, अन्यथा अवैध वसूली करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।