Monday, April 13, 2026
बांसी

बढ़नी: थारू मजदूर के हक पर ठेकेदार और प्रधान की टेढ़ी नजर, दाने-दाने को मोहताज हुआ कुनबा

Kapilvastupost
बढ़नी/बांसी। विकासखंड बढ़नी के दुधमनिया गांव का एक थारू परिवार आज व्यवस्था की उदासीनता और शोषण का जीवंत उदाहरण बन गया है। अनुसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने वाले राम तपेश्वर (पुत्र श्री चिनगुद प्रसाद) ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि किस तरह हयात नगर बंनजरही (थाना बांसी) में काम करने के बावजूद उसे उसके पसीने की कमाई से वंचित रखा जा रहा है।
मेहनत डकार गए रसूखदार
राम तपेश्वर के अनुसार, उसने अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बांसी क्षेत्र में मजदूरी की थी। आरोप है कि ठेकेदार और ग्राम प्रधान ने मिलकर उसकी मजदूरी का पैसा हड़प लिया है। बलरामपुर निवासी यह पीड़ित मजदूर अब अपने कुनबे का पेट पालने के लिए लाचार है। कैमरा के सामने अपनी व्यथा बताते हुए राम तपेश्वर की आंखों में बेबसी और व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश साफ झलकता है।
पुलिस और श्रम विभाग की सुस्ती
हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने न्याय के लिए बांसी पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब इस संबंध में बांसी पुलिस से संपर्क किया गया, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “प्रधान जी बाहर गए हैं, उनके लौटने पर बात की जाएगी।” वहीं, जनपद के श्रम निरीक्षक भी इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे बैठे हैं, जिससे दोषियों के हौसले बुलंद हैं।
> “गरीब की मजदूरी डकारने वालों को आखिर कब कानून का डर सताएगा? क्या एक थारू मजदूर को अपनी मेहनत का पैसा पाने के लिए दर-दर की ठोकरें ही खानी पड़ेंगी?