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बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के ब्लाक मुख्यालय व बढ़नी कस्बे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इन दिनों पंजाब जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। गांव-गांव और गली-मोहल्लों में स्मैक कारोबारी बेखौफ होकर नशे की दुकान चला रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के सुस्त रवैये के चलते इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र भी अब इनसे सुरक्षित नहीं रहे।
नगर पंचायत बढ़नी स्थित ऐतिहासिक समय माता मंदिर परिसर, जहाँ रोज़ श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं, आजकल नशेड़ियों और स्मैक तस्करों का सबसे महफूज़ ठिकाना बन चुका है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंदिर परिसर के आसपास दिन-रात स्मैकड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है और खुलेआम नशे की खरीद-फरोख्त की जा रही है।
विरोध हुआ तो लोहिया नगर से मंदिर परिसर बदला ठिकाना
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक कुख्यात स्मैक कारोबारी का हाथ है। वह पहले लोहिया नगर स्थित अपने आवास से यह गोरखधंधा संचालित करता था। वहां अनजान लोगों की बढ़ती आवाजाही और स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध के बाद, उसने मंदिर परिसर के आसपास के सुनसान इलाके को अपना नया अड्डा बना लिया।
बताया जाता है कि यह आरोपी पहले भी एक-दो बार जेल जा चुका है, लेकिन नशे के कारोबार में बेहिसाब मुनाफे और स्थानीय पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाकर वह अब क्षेत्र का बड़ा सरगना बन चुका है। उसकी गैंग सुनसान जगहों का फायदा उठाकर स्कूली छात्रों और नवयुवकों को स्मैक की लत में धकेल रही है।
बढ़ता अपराध और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट
स्मैक की इस जानलेवा लत को पूरा करने के लिए युवा अब चोरी और छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देने लगे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। मंदिर आने वाली महिला श्रद्धालुओं को इन नशेड़ियों की अश्लील हरकतों और मौजूदगी के कारण भारी असहजता झेलनी पड़ती है। जब भी कोई स्थानीय व्यक्ति इसका विरोध करता है, तो ये नशेड़ी मारपीट और झगड़े पर आमादा हो जाते हैं।
लचर कानून-व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
कस्बे के बीचों-बीच और प्रशासनिक नाक के नीचे महीनों से चल रहे इस अवैध कारोबार पर पुलिस की खामोशी कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि या तो पुलिस पूरी तरह अनजान बनी हुई है या फिर जानबूझकर अनदेखी कर रही है।
कानून-व्यवस्था का यह ढुलमुल रवैया हाल ही में बढ़नी रेलवे स्टेशन परिसर स्थित शिवालय की घटना से भी साफ जाहिर होता है। जहाँ आरपीएफ पुलिस चौकी और वाहन पार्किंग कर्मचारियों की चौबीसों घंटे तैनाती के बावजूद असामाजिक तत्वों ने शिवलिंग व देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित कर दीं। घटना के एक सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। उच्चाधिकारियों की बैठकों में स्मैक माफियाओं की रीढ़ तोड़ने और नेटवर्क ध्वस्त करने के बड़े-बड़े दावे केवल कागजी साबित हो रहे हैं।
एसपी और डीएम से सख्त कार्रवाई की गुहार
क्षेत्रीय नागरिकों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) तथा पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थनगर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों की मांग है कि समय माता मंदिर परिसर और ब्लाक मुख्यालय के आसपास पुलिस गश्त तुरंत बढ़ाई जाए, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और इस कुख्यात स्मैक सरगना व उसके नेटवर्क पर कठोर कानूनी कार्रवाई कर क्षेत्र के युवाओं को तबाही से बचाया जाए।