इटवा (सिद्धार्थनगर) खुनियांव विकास क्षेत्र के भटगवां गांव में सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और कालाबाजारी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लगवाने के बावजूद कार्डधारकों को कम राशन देने और पूरा स्टॉक बाजार में खपाने के आरोप में गोल्हौरा थाना पुलिस ने कोटेदार रामपराग और उनके बेटे पुजारी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
कार्डधारकों की शिकायत पर खुली पोल मामले की शुरुआत भटगवां निवासी राजेंद्र पांडेय की शिकायत से हुई। 29 अगस्त को की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पूर्ति निरीक्षक राघवेन्द्र शाही ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को राशन दुकान पर पहुंचकर स्थिति की पड़ताल की। कार्डधारकों के दर्ज बयानों में यह बात सामने आई कि कोटेदार का बेटा पुजारी वितरण संभालता था। उसने कई अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों से तय दाम से अधिक पैसे लिए और राशन की मात्रा में कटौती की। कई मामलों में ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन देने से मना कर दिया गया।
भौतिक सत्यापन में गोदाम पाया गया खाली जांच टीम ने जब 1 सितंबर को दुकान और उससे जुड़े गोदाम का भौतिक सत्यापन किया, तो वित्तीय अनियमितता की पूरी सच्चाई सामने आ गई। रिकॉर्ड के अनुसार, अगस्त और सितंबर 2026 के वितरण के लिए गोदाम में 52.795 क्विंटल गेहूं, 78.986 क्विंटल चावल और 0.12 क्विंटल चीनी उपलब्ध होनी चाहिए थी। हालांकि, निरीक्षण के दौरान मौके पर एक दाना भी मौजूद नहीं मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि सरकारी खाद्यान्न को गरीबों में बांटने के बजाय बाजार में कालाबाजारी कर दिया गया।
डीएम की मंजूरी के बाद पुलिसिया कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जिलाधिकारी (DM) ने कोटेदार और उनके सहयोगी बेटे पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम के आदेश के बाद गोल्हौरा थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।